राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की निष्क्रियता
मार्च 2022 में संसद में प्रस्तुत की गई संसदीय समिति की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (National Commission for Scheduled Tribes-NCST) ने पिछले 4 वर्षों में संसद के समक्ष एक भी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है।
- देश में जनजातियों पर होने वाले अत्याचारों की स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की निष्क्रियता चिंतनीय है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST)
- यह एक संवैधानिक निकाय है, जिसकी स्थापना संविधान (89वां संशोधन) अधिनियम, 2003 के माध्यम से की गई थी। इस संशोधन में संविधान केअनुच्छेद 338 में संशोधन करके एक नया अनुच्छेद 338A शामिल किया गया था।
- अपनी स्थापना ....
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