स्वयं सहायता समूह सामाजिक-आर्थिक विकास एवं वित्तीय समावेशन में इनकी भूमिका
डॉ. अमरजीत भार्गव
स्वयं सहायता समूहों द्वारा वित्तीय साक्षरता, बैंक खातों के संचालन, बचत, क्रेडिट, बीमा तथा पेंशन के साथ-साथ गरीबों को कम लागत वाली भरोसेमंद वित्तीय सेवाएं प्रदान की जाती हैं। वित्तीय समावेशन तथा समाज के वंचित वर्गों के विकास में भागीदारी को देखते हुए यह आवश्यक है कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा सामना की जा रही समस्याओं का समाधान करके इनकी विकास संभावनाओं में वृद्धि की जाए।
- सितंबर 2022 में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने स्वयं सहायता समूहों के कवरेज को बढ़ाने के उद्देश्य से ‘दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ (DAY-NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूहों ....
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