जलवायु प्रत्यास्थ कृषि खाद्य असुरक्षा से निपटने के लिए आवश्यक
वैश्विक स्तर पर जलवायु एवं मौसम परिवर्तनशील हो रहा है, कभी अतिवृष्टि तो कभी अनावृष्टि; कभी अत्यधिक ठंड तो कभी भीषण गर्मी। यह जलवायवीय अनिश्चितता संपूर्ण मानव समुदाय के समझ विभिन्न चुनौतियां उत्पन्न कर रहे है| ऐसे में सर्वाधिक विकराल समस्या जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली खाद्य असुरक्षा की है। परिवर्तनशील जलवायु को देखते हुए अब कृषि क्षेत्र में भी परिवर्तन वर्तमान समय की मांग है। ऐसे में ‘जलवायु प्रत्यास्थ कृषि’ (Climate Resilient Agriculture) जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न होने वाले खाद्य असुरक्षा के संकट का एक समाधान हो सकती है।
- भारत विश्व की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था है और जलवायु ....
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