कहीं भी बसने तथा सर्वत्र अबाध संचरण का मौलिक अधिकार
- 25 अगस्त, 2021 को दिए अपने निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को देश के किसी भी हिस्से में निवास करने (to reside and settle in any part of India) तथा देश में कहीं भी सर्वत्र अबाध संचरण (to move freely throughout the territory of India) के उसके मौलिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
- न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी तथा न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने यह टिप्पणी महाराष्ट्र के अमरावती शहर में एक पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता के खिलाफ जिला अधिकारियों द्वारा जारी जिलाबदर आदेश को रद्द करते हुए की।
- शीर्ष अदालत ने कहा कि कानून-व्यवस्था ....
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