संसद सदस्यों का सदन से निलंबन
- संसद के ऊपरी सदन राज्य सभा में 4 अगस्त, 2021 को तृणमूल कांग्रेस के 6 सांसदों को सदन में उनके 'घोर अव्यवस्थापूर्ण आचरण' (grossly disorderly conduct) के लिए नियम 255 के तहत दिन भर के लिए सदन से बाहर चले जाने का आदेश दिया गया।
अध्यक्ष या सभापति द्वारा सांसदों को निलंबित क्यों किया जाता है?
- सामान्य सिद्धांत यह है कि किसी सदन के पीठासीन अधिकारी (लोकसभा के अध्यक्ष या राज्य सभा के सभापति) का यह कर्तव्य है कि वह व्यवस्था बनाए रखे ताकि सदन सुचारु रूप से चल सके।
- यह सुनिश्चित करने के लिए कि कार्यवाही उचित तरीके से संचालित ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 लिव-इन संबंध अवैध नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट
- 2 दिल्ली रिज प्रबंधन बोर्ड का पुनर्गठन
- 3 जनगणना 2027 कराने की योजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी
- 4 राष्ट्रीय लोक अदालत ने किया 2.59 करोड़ से अधिक मामलों का निपटान
- 5 राज्य बार काउंसिलों में 30% महिला आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
- 6 संविधान का संथाली भाषा में अनुवाद जारी
- 7 डिजिटल अरेस्ट मामलों की सीबीआई जांच के निर्देश
- 8 भारतीय थल सेना के रूपांतरण हेतु रोडमैप
- 9 अवैध घुसपैठियों के कोई वैधानिक अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
- 10 बाल तस्करी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
- 1 ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2021
- 2 फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय: आवश्यकता एवं महत्व
- 3 भुलाए जाने का अधिकार
- 4 निवारक निरोध : एक आवश्यक बुराई
- 5 कहीं भी बसने तथा सर्वत्र अबाध संचरण का मौलिक अधिकार
- 6 व्यक्तिगत स्वतंत्रता संविधान का एक महत्वपूर्ण पहलू
- 7 गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम
- 8 डिफेंस इंडिया स्टार्टअप चैलेंज 5.0

