अभद्र ऑनलाइन कंटेंट पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
27 नवंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से कहा कि वह यूज़र-जनरेटेड कंटेंट (UGC) के लिए उपयुक्त दिशानिर्देश तैयार करे, ताकि निर्दोष व्यक्तियों को अश्लील, विकृत, ‘राष्ट्र-विरोधी’ अथवा व्यक्तिगत रूप से हानिकारक ऑनलाइन सामग्री का शिकार बनने से बचाया जा सके।
न्यायालय की प्रमुख टिप्पणियां
- न्यायालय ने एक निष्पक्ष और स्वायत्त प्राधिकरण की अवधारणा पर विचार किया,
- जो न तो निजी प्रसारकों के अधीन हो, और न ही सीधे सरकार के नियंत्रण में।
- यह प्राधिकरण यह तय करे कि कौन-सा कंटेंट प्रथमदृष्ट्या अनुमेय है, कौन सा नहीं।
- पीठ ने कहा कि यूज़र-जनरेटेड कंटेंट कई बार प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति ....
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