लिव-इन संबंध अवैध नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट
- 17 दिसंबर, 2025 को एक महत्वपूर्ण आदेश में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि भले ही लिव-इन संबंध सभी को स्वीकार्य न हों, लेकिन वे अवैध नहीं हैं।
- अदालत ने उत्तर प्रदेश पुलिस को आदेश दिया कि 12 लिव-इन जोड़ों को, जिन्हें उनके परिवारों द्वारा धमकाया जा रहा है, सुरक्षा प्रदान की जाए।
- पीठ ने स्पष्ट किया कि विवाह की विधिक मान्यता के बिना साथ रहना अपराध नहीं माना जा सकता।
- न्यायालय ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 114 / भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 119(1) का उल्लेख किया, जिसके अनुसार यदि कोई जोड़ा लंबे समय तक पति-पत्नी की ....
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