बाल तस्करी पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
19 दिसंबर, 2025 को दिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बाल तस्करी और बच्चों का व्यावसायिक यौन शोषण, जिसे संगठित गिरोह संचालित कर रहे हैं, भारत में एक “गंभीर रूप से विचलित करने वाली वास्तविकता” है, जो संरक्षणकारी कानूनों के बावजूद निरंतर फल-फूल रही है।
- वाद: के.पी. किरणकुमार बनाम राज्य (पीन्या पुलिस द्वारा)
- पीठ: न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची।
न्यायालय की प्रमुख टिप्पणियां
- बाल तस्करी नेटवर्क की संरचना: न्यायालय ने कहा कि बाल तस्करी नेटवर्क जटिल और बहु-स्तरीय होते हैं, जो बच्चों की भर्ती, परिवहन, आश्रय और शोषण के विभिन्न स्तरों पर सक्रिय रहते हैं।
- निर्णय ....
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