भारत में एफडीआई इक्विटी प्रवाह में कमी
- हाल ही में, सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार कंप्यूटर हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर, टेलीकॉम, ऑटो एवं फार्मा में कम प्रवाह के कारण अप्रैल-सितंबर, 2023 में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) इक्विटी प्रवाह 24% घटकर 20-48 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
- एफडीआई (FDI) किसी देश के किसी व्यवसाय में दूसरे देश में स्थित इकाई द्वारा नियंत्रित स्वामित्व के रूप में किया जाने वाला निवेश है।
- FDI में वृद्धि से देश के वित्त और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों को बढ़ावा मिलता है तथा इससे प्राप्तकर्ता व्यवसायों को वित्त, प्रौद्योगिकी और परिचालन कार्यप्रणाली में नवीनतम उपकरणों तक पहुंच आसान होती ....
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