भारतीय जेलों में विचाराधीन कैदियों की बहुलता
- 7 नवंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने कहा कि भारत की जेलों की आबादी का लगभग 70% हिस्सा ऐसे लोगों का है जिन्हें अभी तक दोषी नहीं ठहराया गया है। इसके साथ ही उन्होने कानूनी सहायता तथा विचाराधीन कैदियों की हिरासत-प्रणाली में त्वरित सुधार की आवश्यकता रेखांकित की।
- उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अधिकांश विचारधीन कैदी जेल में इसलिए नहीं हैं कि कानून ऐसा अनिवार्य करता है, बल्कि इसलिए कि व्यवस्था ने उन्हें विफल कर दिया है।
- भारत की जेलों में विचाराधीन कैदियों की बड़ी संख्या का कारण है, लंबे समय तक मुकदमे का लंबित रहना, ....
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