गिरफ्तार व्यक्ति को लिखित में गिरफ्तारी के आधार बताना अनिवार्य
6 नवंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति को उसकी समझ की भाषा में गिरफ्तारी के आधार लिखित रूप में उपलब्ध कराना अनिवार्य है, भले ही अपराध का स्वरूप कुछ भी हो या वह किसी भी विधि के अधीन हो।
- वाद: मिहिर राजेश शाह बनाम महाराष्ट्र राज्य एवं अन्य
- यह मामला जुलाई 2024 के मुंबई BMW हिट-एंड-रन प्रकरण से उपजा था।
- पीठ: भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई (निर्णय के समय पदासीन) एवं न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह। (गवई 23 नवंबर, 2025 को सेवानिवृत्त हुए; वर्तमान में न्यायमूर्ति सूर्यकांत 53वें मुख्य न्यायाधीश हैं।)
निर्णय के प्रमुख बिंदु
- गिरफ्तार ....
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