भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति
- JAM ट्रिनिटी: जन-धन योजना (शून्य-बैलेंस बैंक खाते), आधार (सुरक्षित डिजिटल पहचान) और मोबाइल कनेक्टिविटी के एकीकरण ने भारत में डिजिटल भुगतान और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) की आधारशिला रखी है।
- UPI का विस्तार: 2016 में शुरू हुआ यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) जनवरी 2026 तक 691 से अधिक बैंकों से जुड़कर 21.70 बिलियन से अधिक ट्रांजैक्शन (₹28.33 लाख करोड़) का प्लेटफॉर्म बन चुका है।
- वैश्विक प्रभाव: IMF के अनुसार UPI विश्व का सबसे बड़ा रियल-टाइम फास्ट पेमेंट सिस्टम है, जिसकी वैश्विक हिस्सेदारी लगभग 49% है और यह UAE, सिंगापुर, फ़्रांस, भूटान जैसे कई देशों में उपलब्ध है।
- डिजिटल सुरक्षा तंत्र: RBI द्वारा 1 अप्रैल, ....
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