स्मार्ट-सतत कृषि परंपरा और प्रौद्योगिकी का संगम

भारत के लगभग 54.6% कार्यबल का जीवनयापन कृषि व संबद्ध क्षेत्रों पर निर्भर है, जबकि राष्ट्रीय सकल मूल्य वर्धन (GVA) में इसका योगदान लगभग 18 से 19% है।

  • भारत में 700 से अधिक जनजातीय समुदाय निवास करते हैं, जिनके पारंपरिक वनस्पति ज्ञान के आधार पर 7,000 से अधिक पौधों की प्रजातियों का उपयोग आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी चिकित्सा पद्धतियों में हो रहा है।
  • पारंपरिक यूरिया का केवल 30-40% भाग ही पौधों द्वारा अवशोषित होता है, जबकि 'नैनो यूरिया' (Nano Urea) की उपयोगिता दर 80% से अधिक है, जो उर्वरक सब्सिडी के बोझ व प्रदूषण को कम करती है।
  • भविष्य की ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

पत्रिका सार