स्वयं सहायता समूह हरित भारत के निर्माण में सामुदायिक शक्ति

  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (68% महिला ऋण) और दीनदयाल अंत्योदय योजना (NRLM) लखपति दीदी, SVEP व AGEY के माध्यम से महिला उद्यमिता को बढ़ावा दे रहे हैं।
  • स्वयं सहायता समूह (SHG) जैविक कृषि, जलवायु-सहिष्णु बीज, जल प्रबंधन (PMKSY 2.0) और अपशिष्ट प्रबंधन ('वेस्ट टू वेल्थ') के माध्यम से जलवायु अनुकूलन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
  • ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) और ग्राम समृद्धि व लचीलापन योजना (VPRP) के माध्यम से स्थानीय स्तर पर जलवायु कार्रवाई को सूक्ष्म-नियोजन (Micro-planning) से जोड़ा जा सकता है।
  • कृषि सखी, पशु सखी और CRP (सामुदायिक संसाधन व्यक्ति) जैसे ग्रामीण नेटवर्क जलवायु-अनुकूल आजीविका के विकास हेतु ....
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