कोयला बिजलीघरों से सल्फर उत्सर्जन और जीवन रक्षा

  • CSE (Centre for Science and Environment) के अनुसार, भारत में कोयला बिजलीघरों (coal power plants) के सल्फर उत्सर्जन (sulfur emissions) पर नियंत्रण से प्रतिवर्ष 1.24 लाख मौतों को रोका जा सकता है।
  • कोयला बिजलीघरों से निकलने वाला सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) वायु प्रदूषण (air pollution) का एक प्रमुख कारण है, जिससे श्वसन और हृदय संबंधी बीमारियाँ होती हैं।
  • यह अध्ययन इस बात पर प्रकाश डालता है कि स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों (clean coal technologies) , जैसे फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (FGD) को अपनाने से, SO₂ उत्सर्जन को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
  • FGD इकाइयाँ बिजलीघरों से निकलने वाली ग्रिप गैसों ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

पत्रिका सार