भारतीय दर्शन और स्मारकों का निर्माण
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भारत में दार्शनिक विचारों से प्रेरित स्मारक |
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दर्शन / धर्म |
प्रमुख दार्शनिक अवधारणा |
वास्तुकला/कला में अभिव्यक्ति |
प्रमुख उदाहरण |
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हिंदू धर्म (मोक्ष) |
परमात्मा से मिलन: संसार से मुक्ति और ईश्वर के साथ एकाकार होना। |
भक्त का बाहरी मंडप (सांसारिक जगत) से होते हुए अंधेरे गर्भगृह (आध्यात्मिक केंद्र) तक जाना। |
बृहदेश्वर मंदिर, तंजावुर |
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बौद्ध धर्म (निर्वाण) |
ज्ञानप्राप्ति और अनंतता: जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति। |
स्तूपों का वृत्ताकार स्वरूप, जो अनंतता और ब्रह्मांडीय शांति का प्रतीक है। |
साँची का स्तूप |
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जैन दर्शन (संयम और पवित्रता) |
आंतरिक शुद्धि: सादगी, अहिंसा और इंद्रिय निग्रह। |
संगमरमर का उपयोग, सादगीपूर्ण शिल्पकला और अलंकृत स्तंभयुक्त मंडप। |
दिलवाड़ा जैन मंदिर, माउंट आबू |
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सूफी दर्शन (तौहीद) |
ईश्वरीय एकता: 'एक ही ईश्वर' का अस्तित्व और .... | ||
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