विजयनगर साम्राज्य – विद्या एवं साहित्य के संरक्षक के रूप में कृष्णदेवराय

कृष्णदेवराय: स्वयं की साहित्यिक रचनाएँ

भाषा

रचना का नाम

विषय/महत्व

तेलुगु

अमुक्तमाल्यद

• यह उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना है।

• इसमें राजकाज के सिद्धांतों (Administrative Principles) और प्रशासनिक दर्शन का विस्तार से वर्णन है।

संस्कृत

जाम्बवती कल्याणम

एक प्रसिद्ध नाटक।

संस्कृत

उषा परिणयन

पौराणिक आख्यान पर आधारित ग्रंथ।

संस्कृत

मदालसा चरित

दार्शनिक एवं साहित्यिक महत्व का ग्रंथ।

'अष्टदिग्गज' और प्रमुख दरबारी कवि (संरक्षण)

कृष्णदेवराय के दरबार को 'भुवन विजयम्' कहा जाता था, जहाँ आठ दिग्गज कवि (अष्टदिग्गज) सुशोभित थे:

कवि का नाम

पदवी / उपाधि

प्रमुख रचना / विशेषता

अल्लासानी पेद्दन्ना

"आंध्र कविता पितामह"

• 'स्वारोचिष संभव' (मनुचरित्र)।

• ये अष्टदिग्गजों में अग्रणी और राजकीय कवि थे।

तेनाली रामकृष्ण

विकट कवि

• अपनी बुद्धिमत्ता और हास्य-व्यंग्य के लिए प्रसिद्ध।

• प्रमुख रचना: पांडुरंग महात्म्यम्

नंदी ....

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