जैन मूर्तिकला (Jain Sculpture)
जैन मूर्तिकला की भव्यता चौबीस तीर्थंकरों की सूक्ष्म और शांत छवियों में देखी जा सकती है। इनमें पार्श्वनाथ, ऋषभनाथ और महावीर की प्रतिमाएँ सबसे अधिक लोकप्रिय हैं।
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मथुरा मूर्तिकला शैली और जैन धर्म |
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विशेषता |
विवरण |
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केंद्र और विकास |
यह शैली मथुरा के आसपास विकसित हुई, जो कुषाणों की दूसरी राजधानी थी। |
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सामग्री |
मूर्तियों के निर्माण के लिए लाल धब्बेदार बलुआ पत्थर का उपयोग किया गया था। |
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मुद्राएँ (Postures) |
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दिगंबर प्रभाव |
मूर्तियाँ आमतौर पर नग्न (Nude) अवस्था में दिखाई गई हैं। |
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प्रतीक चिन्ह |
प्रत्येक तीर्थंकर के .... | |
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