मूर्तिकला की प्रमुख शैलियाँ और विदेशी प्रभाव

गांधार कला: यूनानी और मध्य एशियाई प्रभावों का संगम

अनुभाग

मुख्य विवरण और बिंदु

परिचय

  • गांधार कला प्राचीन एशिया के इतिहास में एक विशिष्ट कला रूप है, जो वर्तमान पाकिस्तान और अफगानिस्तान के क्षेत्रों में विकसित हुई।
  • यह पूर्व और पश्चिम के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान का 'मेल्टिंग पॉट' (संगम) था।
  • इसमें बौद्ध कला के माध्यम से ग्रीको-बैक्ट्रियन और मध्य एशियाई तत्वों का अनूठा संश्लेषण (Synthesis) दिखाई देता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

  • गांधार रेशम मार्ग (Silk Road) पर स्थित एक प्रमुख व्यापारिक और सांस्कृतिक केंद्र था।
  • 4थी शताब्दी ईसा पूर्व में सिकंदर महान के आक्रमणों के बाद यहाँ यूनानी ....
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