भारत में खाद्य अपव्यय का विरोधाभास: भूख से जूझते भारत में संसाधनों की विडंबना
30 मार्च को मनाए जाने वाले ‘अंतरराष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस’ का उद्देश्य संसाधनों के स्थायी उपयोग की गंभीर चुनौती की ओर ध्यान आकर्षित करना है। वर्ष 2026 के अंतरराष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस की थीम ‘खाद्य अपव्यय’ (Food Waste) थी, जो एक वैश्विक विडंबना को दर्शाती है; जहाँ एक ओर लाखों टन भोजन कचरे में फेंक दिया जाता है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों लोग भूख और कुपोषण की मार झेल रहे हैं।
- भारत जैसे कृषि-प्रधान देश में यह मुद्दा और भी संवेदनशील है। यहाँ भोजन का अपव्यय केवल व्यवस्था की खामी नहीं है, बल्कि उन किसानों और मज़दूरों के कठिन परिश्रम और ....
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