शहरी भारत की पुनर्कल्पना: एकीकृत, टिकाऊ और भविष्य-उन्मुख बुनियादी ढांचे की ओर

आवासन एवं शहरी कार्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने 12 मार्च, 2026 को “विकसित भारत@2047” के दृष्टिकोण के अनुरूप भारत की शहरी अवसंरचना आवश्यकताओं, वित्तपोषण, शासन व्यवस्था तथा क्षमता निर्माण का एक नया, साक्ष्य-आधारित आकलन करने की सिफारिश की।

समिति द्वारा रेखांकित प्रमुख चुनौतियां

  • एकीकृत दीर्घकालिक शहरी रणनीति का अभाव
    • समिति ने पाया कि अमृत 2.0, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 और पीएम ई-बस सेवा जैसी योजनाएँ मुख्यतः योजना-आधारित और क्षेत्र-विशिष्ट हैं।
    • इनमें एक समग्र, दीर्घकालिक शहरी रणनीति का अभाव है।
  • राष्ट्रीय स्तर पर अद्यतन मूल्यांकन का अभाव
    • अंतिम व्यापक शहरी अवसंरचना आकलन 2011 में एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति ....

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