अंतरराष्ट्रीय क़ानून एवं आत्मरक्षा: आधुनिक संघर्षों में बदलते आयाम

अमेरिका-ईरान तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, गज़ा में इज़राइल की सैन्य कार्रवाइयाँ तथा वेनेज़ुएला में अमेरिकी हस्तक्षेप जैसे घटनाक्रमों ने एक गंभीर बहस को जन्म दिया है कि क्या अंतरराष्ट्रीय क़ानून अब भी प्रासंगिक हैं

  • विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रणनीतिकार इसे “नियम-विहीन विश्व” (Norm-Free World) की ओर बढ़ता हुआ मानते हुए, अंतरराष्ट्रीय क़ानून के पतन की आशंका व्यक्त कर रहे हैं।
  • इस बहस के केंद्र में एक प्रमुख सिद्धांत है, आत्मरक्षा का अधिकार (Right to Self-Defence)।

कानूनी आधार: अंतरराष्ट्रीय विधि क्या कहती है?

  • बल के प्रयोग या उसकी धमकी पर प्रतिबंध संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) में निहित है, जो द्वितीय ....
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