लोचशील आपूर्ति शृंखलाएँ: भारत की आर्थिक सुरक्षा का एक सुदृढ़ स्तंभ

पश्चिम एशिया में हालिया भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में आपूर्ति व्यवधान कितनी तेजी से व्यापक प्रभाव डाल सकते हैं। यह एक महत्वपूर्ण वास्तविकता को उजागर करता है कि जहाँ वैश्विक परस्पर निर्भरता लाभकारी है, वहीं यह संवेदनशीलता को भी बढ़ाती है।

  • भारत के संदर्भ में, यह स्थिति दीर्घकालिक लचीलापन विकसित करने तथा आयात निर्भरता को कम करने की आवश्यकता को और अधिक प्रासंगिक बनाती है।

भारत के लिए आपूर्ति शृंखला का लचीलापन क्यों आवश्यक है?

  • ऊर्जा सुरक्षा में बाह्य निर्भरता
    • भारत अपनी कच्चे तेल की लगभग 85% तथा प्राकृतिक गैस की 50% से अधिक आवश्यकता ....

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