बच्चों के लिए डिजिटल सुरक्षा: अधिकार, जोखिम और नियामकीय अंतराल

हाल ही में, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को “डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण” (DPDP) अधिनियम के उल्लंघन से संबंधित एक शिकायत पर नोटिस जारी किया। यह नोटिस एक महत्वपूर्ण वास्तविकता को उजागर करता है कि भारत के बच्चे तेजी से डिजिटल विश्व से जुड़े हुए हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएँ नहीं हैं।

समस्या का व्यापक स्वरूप

  • वैश्विक स्तर पर 64% किशोर AI चैटबॉट्स का उपयोग करते हैं, जिनमें से लगभग 30% इनका दैनिक उपयोग करते हैं।
  • AI आधारित उपकरण अब गेमिंग, सोशल मीडिया, मैसेजिंग, शिक्षा और यहां तक कि बच्चों की कहानियों ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री

करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे