भारत में गिग कर्मियों के अधिकार: मान्यता बनाम वास्तविकता
मार्च 2026 में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने राज्य सभा को सूचित किया कि सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 में पहली बार ‘गिग (अस्थायी) श्रमिक/कर्मचारियों’ (Gig Workers) और ‘प्लेटफॉर्म श्रमिक/कर्मचारियों’ (Platform Workers) की औपचारिक परिभाषा के साथ-साथ उनसे संबंधित प्रावधान शामिल किए गए हैं।
- यह संहिता 21 नवंबर, 2025 से लागू हुई थी।
- भारत में अनुमानतः 7.7 मिलियन (77 लाख) लोग गिग कार्य (जैसे: डिलीवरी राइडर, कैब चालक, फ्रीलांसर और लॉजिस्टिक्स कर्मी) में संलग्न हैं।
- औपचारिक मान्यता के बावजूद, गिग कर्मचारी अभी भी नियामकीय ‘ग्रे ज़ोन’ (अस्पष्ट विधिक स्थिति) में कार्य करते हैं, जहाँ विधिक प्रावधानों का क्रियान्वयन कमजोर है और बुनियादी श्रम ....
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