महिला उद्यमी: आर्थिक विकास, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन की संवाहक
भारत में सार्वजनिक खरीद (Public Procurement) सबसे बड़े संगठित बाजारों में से एक है, और डिजिटल शासन प्लेटफॉर्मों के तीव्र विस्तार ने समावेशी आर्थिक भागीदारी के नए अवसर खोले हैं।
- इस संदर्भ में, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर 2019 में शुरू की गई सरकार की ‘वुमनिया’ (Womaniya) पहल महिला उद्यमियों को औपचारिक खरीद प्रणालियों में एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में उभरी है।
- यह पहल इस व्यापक नीतिगत परिवर्तन को भी दर्शाती है, जहां महिला उद्यमिता को केवल सशक्तीकरण के दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि आर्थिक औपचारिकता, बाजार समावेशन और राष्ट्रीय विकास के रणनीतिक साधन के रूप में देखा ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 EV क्रांति और ऊर्जा अवसंरचना की चुनौती
- 2 कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और भारत के समक्ष चुनौतियाँ
- 3 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर बहस
- 4 बढ़ती गर्म रातें : भारत में उभरता नया हीट संकट
- 5 SIR प्रक्रिया से नागरिकता तक: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उभरे नए प्रश्न
- 6 समुद्री चोक पॉइंट्स: व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीति के निर्णायक द्वार
- 7 ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2026: उभरते डिजिटल क्षेत्र का समग्र नियामक ढांचा
- 8 दल-बदल विरोधी कानून: प्रासंगिकता, खामियां और सुधार की आवश्यकता
- 9 औद्योगिक आपदाएं: कारण, लागत और समाधान
- 10 एआई के उद्भव का प्रभाव: असीम संभावनाओं की राह और जोखिमपूर्ण चुनौतियां
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 बाह्य अंतरिक्ष शासन: वैश्विक शक्ति-संतुलन का उभरता क्षेत्र
- 2 भारत में लुप्त होती झीलें: सामाजिक-पारिस्थितिक स्थिरता के लिए एक खतरा
- 3 भारत में खाद्य अपव्यय का विरोधाभास: भूख से जूझते भारत में संसाधनों की विडंबना
- 4 जलवायु परिवर्तनशीलता और निर्धनता का अंतर्संबंध: भारत में उभरती बहुआयामी चुनौती
- 5 जल-कुशल फसल नवाचार द्वारा भूजल दबाव का न्यूनीकरण
- 6 एआई के उद्भव का प्रभाव: असीम संभावनाओं की राह और जोखिमपूर्ण चुनौतियां
- 7 औद्योगिक आपदाएं: कारण, लागत और समाधान
- 8 दल-बदल विरोधी कानून: प्रासंगिकता, खामियां और सुधार की आवश्यकता
- 9 ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2026: उभरते डिजिटल क्षेत्र का समग्र नियामक ढांचा
- 10 समुद्री चोक पॉइंट्स: व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीति के निर्णायक द्वार

