पनडुब्बियाँ: प्रोजेक्ट-75 एवं प्रोजेक्ट-75(I)

पनडुब्बियाँ सागर (Security and Growth for All in the Region) विजन के अंतर्गत भारत की समुद्री प्रतिरोधक क्षमता (Maritime Deterrence) और सी-डिनायल (समुद्री क्षेत्र में शत्रु की पहुंच को रोकना) रणनीति की रीढ़ हैं। भारत अपने पारंपरिक पनडुब्बी बेड़े का आधुनिकीकरण प्रोजेक्ट-75 तथा प्रोजेक्ट-75(I) के माध्यम से कर रहा है, यह पहल आत्मनिर्भर भारत दृष्टि के अनुरूप है।

मूल अवधारणाएँ

  • पारंपरिक पनडुब्बी (डीज़ल-इलेक्ट्रिक): यह डीजल-इलेक्ट्रिक इंजन का उपयोग करती है। सतह पर ‘स्नॉर्कल’ के माध्यम से बैटरियाँ चार्ज करती है और जलमग्न अवस्था में पूरी तरह शांत होकर बैटरी की शक्ति पर चलती हैं।
  • स्टेल्थ (Stealth) क्षमता: ध्वनिक (Acoustic), चुंबकीय ....

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