सौर प्रौद्योगिकी: प्रकार एवं अनुप्रयोग

सौर प्रौद्योगिकी सूर्य की ऊर्जा का दो मुख्य विधियों से उपयोग करती है: फोटोवोल्टिक्स (Photovoltaics–PV), जिसमें प्रकाश को सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है और सौर तापीय (Solar Thermal), जिसमें सूर्य की ऊष्मा का उपयोग विद्युत उत्पादन अथवा ताप उपलब्ध कराने हेतु किया जाता है।

अवधारणा

यह प्रौद्योगिकी 2 वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित है-

  • प्रकाश-विद्युत प्रभाव (Photoelectric Effect): जिसमें प्रकाश के प्रभाव से कुछ पदार्थों से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं।
  • ऊष्मा अवशोषण एवं संकेन्द्रण: जिसमें सूर्य की ऊष्मा को संचित कर यांत्रिक कार्य अथवा विद्युत उत्पादन में प्रयोग किया जाता है।

प्रकार एवं कार्यविधि

  • क्रिस्टलाइन सिलिकॉन फोटोवोल्टाइक (Crystalline Silicon PV): ....

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