थोरियम का उपयोग

थोरियम-232 के माध्यम से परमाणु ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया थोरियम उपयोग कहलाती है। विशाल थोरियम भंडारों के कारण यह भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का आधार है।

मूल अवधारणा

  • थोरियम “फर्टाइल” है, “फिसाइल” नहीं; अर्थात यह स्वयं श्रृंखला अभिक्रिया नहीं चला सकता।
  • इसे पहले रिएक्टर के भीतरयूरेनियम-233 (U-233) में परिवर्तित करना पड़ता है, तभी यह ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है।

प्रौद्योगिकी कैसे कार्य करती है

  • रूपांतरण (Transmutation): रिएक्टर के भीतर थोरियम-232, न्यूट्रॉन को अवशोषित करता है और रेडियोधर्मी क्षय के बाद यूरेनियम-233में बदल जाता है।
  • ईंधन-वृद्धि (Breeding): फास्ट ब्रीडर रिएक्टर में प्रणाली जितना विखंडनीय ईंधन उपभोग करती है, उससे अधिक U-233 ....
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