दलबदल विरोधी कानून
हाल ही में गोवा सहित अनेक राज्यों में दल-बदल के अनेक उदाहरण देखने को मिले हैं। यह भारत की लोकतांत्रिक सुचिता को प्रभावित करता है।
कानून की मुख्य बातें
- 52वें संविधान संशोधन 1985 के माध्यम से संविधान में 10वीं अनुसूची शामिल की गई थी, इसे ही सामान्यतः दल-बदल विरोधी कानून के नाम से जाना जाता है।
- संविधान के अनुच्छेद 102(2) तथा अनुच्छेद 191(2) के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को 10वीं अनुसूची के तहत अयोग्य घोषित कर दिया जाता है तो वह संसद तथा राज्य विधानसभा के किसी भी सदन का सदस्य होने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
- 10वीं अनुसूची में ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें

