रुपये का मूल्यहस
2022 के प्रारंभ से 13 मार्च 2022 तक रुपये के मूल्य में डॉलर के मुकाबले 3.5% मूल्यह्रास दर्ज की गई है। वर्तमान में यह रिकॉर्ड निचले स्तर पर है।
- इसके मुख्य कारण रूस-यूक्रेन युद्ध, और अमेरिकी ब्याज दरों में वृद्धि को माना जा रहा है।
- इससे पूर्व में भी रुपए के मूल्य में ह्रास देखा गया है जिसमें 2008 का वित्तीय संकट, 2011-12 का यूरो क्षेत्र ऋण संकट और 2013 का टेंपर टेंट्रम (taper tantrum) रुपये मूल्यह्रास के कुछ उदाहरण हैं।
मूल्यह्रास का प्रभाव
- सामान्य स्थिति में, रूपये का मूल्यह्रास निर्यात को बढ़ावा देने में मदद करता है। हालाँकि भारतीय ....
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