भारतीय संदर्भ में पंथनिरपेक्षता के अर्थ को स्पष्ट करते हुए इसके समक्ष व्याप्त चुनौतियों की चर्चा कीजिए?
उत्तर: संविधान की प्रस्तावना में 42 वें संविधान संशोधन द्वारा पंथनिरपेक्षता को शामिल किया गया था। भारत में इसका अर्थ यह है कि राज्य धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप न करते हुए धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव को बढ़ावा नहीं देगा।
भारतीय संदर्भ में पंथनिरपेक्षता
- पश्चिमी अवधारणा के विपरीत भारत में पंथनिरपेक्षता की सकारात्मक अवधारणा को अपनाया गया है, जिसके तहत राज्य धर्म के प्रति विरोधी रुख न अपनाकर सभी नागरिकों को अपने धार्मिक विश्वासों एवं मान्यताओं का पालन करने की छूट प्रदान करता है।
- पंथनिरपेक्षता संबंधी प्रावधानों को भारतीय संविधान में प्रस्तावना के साथ-साथ भाग-3 (अनुच्छेद-25 से ....
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