“भारत में भूमि सुधार से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम चलाये जाने के बावजूद भूमि सुधार कार्यक्रम सफल नहीं रहा है|” इस कथन के आलोक में भूमि सुधार से संबंधित चुनौतियों को रेखांकित करते हुए, समाधान सुझाए
उत्तर. स्वतंत्रता के पश्चात केंद्र एवं राज्य सरकार के द्वारा कृषि आधार को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया।सर्वप्रथम 1949 में भूमि एवं काश्तकारी सुधार प्रारंभ किए गए। इसके बाद विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से भूमि सुधार से संबंधित कार्यक्रम का संचालन किया गया।
परन्तु इससे संबंधित निम्नलिखित चुनौतियां वर्तमान में मौजूद हैं-
- काश्तकारी सुधारः काश्तकारी सुधार देश के कुछ राज्यों में ही सफल है| अधिकांशतः देश में मौखिक या गुप्त काश्तकारी के उदाहरण अधिक है।
- मध्यस्थों की उपस्थितिः यह समस्या आज भी विद्यमान है, विशेषकर उन राज्यों में जहां ‘अनुपस्थित भूस्वामित्व’ फल-फूल रहा है।
- पुनर्वितरण की आवश्यकता: भारत में ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 नागरिकों में राजनीतिक उदासीनता लोकतांत्रिक संस्थाओं और जवाबदेही को कमज़ोर करती है। राजनीतिक उदासीनता के नैतिक आयामों पर चर्चा कीजिए। ज़िम्मेदार नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देने के उपाय सुझाइए।
- 2 जटिल चुनौतियों और उच्च दबाव वाली परिस्थितियों का सामना करने वाले लोक सेवकों के लिए रचनात्मक दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण है। व्यक्तियों में रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में कौन से कारक योगदान करते हैं?
- 3 “नैतिक कार्यों के परिणाम तत्काल नहीं हो सकते, लेकिन वे स्थायी होते हैं।” इस कथन को उदाहरणों सहित स्पष्ट कीजिए।
- 4 "भ्रष्टाचार के पीछे की मानसिकता को संबोधित किए बिना उसे दंडित करना एक अल्पकालिक समाधान है।" लोक सेवकों और नागरिकों के बीच दृष्टिकोण में परिवर्तन स्थायी भ्रष्टाचार-विरोधी प्रयासों में कैसे योगदान दे सकता है?
- 5 भारत में डीपफेक वीडियो और एआई-जनित गलत सूचनाओं की खबरें लगातार बढ़ रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप कभी-कभी लोगों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचती है और मानसिक तनाव होता है। ऐसे घटनाक्रमों के आलोक में, डिजिटल जगत में मानवीय आचरण के नैतिक आयाम क्या हैं? परिवार और शैक्षणिक संस्थान युवाओं में डिजिटल ज़िम्मेदारी और समानुभूति को बढ़ावा देने में कैसे योगदान दे सकते हैं?
- 6 भारत सरकार ने हाल ही में कहा है कि, "वामपंथी उग्रवाद का अंत शुरू हो गया है"। इस संदर्भ में, 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने के लिए भारत के विशेष अभियान के पीछे की व्यापक रणनीति का परीक्षण करें।
- 7 एग्रीस्टैक पहल भारत में कृषि उत्पादकता और आय बढ़ाने में कैसे योगदान दे सकती है? इसके कार्यान्वयन के संबंध में क्या चिंताएँ उभरी हैं?
- 8 भारतीय वायु रक्षा प्रणाली एक बहुस्तरीय, तकनीकी रूप से परिष्कृत ढाँचे के रूप में खड़ी है जो राष्ट्र को विविध हवाई खतरों से बचाती है। व्याख्या कीजिए।
- 9 उभरती प्रौद्योगिकियाँ सीमा प्रबंधन में परिवर्तनकारी क्षमताएँ प्रदान करती हैं, लेकिन साथ ही परिचालन संबंधी चुनौतियाँ भी प्रस्तुत करती हैं। भारत द्वारा अपने सीमावर्ती बुनियादी ढाँचे और निगरानी क्षमताओं के आधुनिकीकरण के प्रयासों के संदर्भ में इस कथन का विश्लेषण कीजिए।
- 10 लोचशील मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण (FIT) क्या है? भारत के उभरते समष्टि आर्थिक परिदृश्य के संदर्भ में, इसके घोषित उद्देश्यों की प्राप्ति में इसकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिए।

