Interview - पढ़ने की आदत का विकास
पढ़ने की आदत का विकास
(AIR)
व्यक्तित्व के विकास में सहायक मनुष्य की अनेक आदतों में से पढ़ने की आदत सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। इससे व्यक्ति में सक्रिय रूप से सोचने की क्षमता तथा उसकी रचनात्मकता में वृद्धि देखने को मिलती है। किसी भी सिविल सेवक अभ्यर्थी के लिए पढ़ाई में रुचि ही वह सबसे महत्वपूर्ण कारक है जो उसे अंतिम रूप से सफल बनाने में सहायता करती है। हम जानते हैं कि यह परीक्षा लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया के द्वारा पूर्ण होती है तथा इस संपूर्ण प्रक्रिया में नियमित रूप से पढ़ाई करना अत्यंत आवश्यक होता है।
धैर्य पूर्वक पाठ्यक्रम के प्रत्येक खंड को कवर करना, विभिन्न मुद्दों पर नोट्स तैयार करना तथा लेखन का अभ्यास करते हुए अपनी तैयारी का निरंतर विश्लेषण करना तभी संभव हो सकता है जब किसी अभ्यर्थी में निरंतर पढ़ने एवं अध्ययन करने की कला विकसित हो जाती है। इस प्रकार, पढ़ने की आदत एक व्यक्तिगत विशेषता होती है जिसका विकास व्यक्ति विशेष की रुचि के आधार पर होता है।
(क) अधिक क्या मायने रखता है, गुणवत्ता या मात्र?
- पाठ्यक्रम की विशालता तथा गुणवत्ता एवं मात्र का द्वंदः सिविल सेवा की प्रारंभिक तथा मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम की विशालता स्वयं ही इसकी मात्र को परिभाषित करती है। यहां यह बात अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है कि किस प्रकार की पाठ्यक्रम को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन के माध्यम से पूरा किया जाए तथा अंतिम रूप से सफलता प्राप्त की जाए।
- विशेषज्ञों की राय तथा वास्तविकताः अनेक विशेषज्ञ इस बात पर बल देते हैं कि प्रतिदिन 10 से 12 घंटे की पढ़ाई अनिवार्य होती है। किंतु, सफल परीक्षार्थियों में से यह भी देखा गया है कि उन्होंने नौकरी अथवा अपने अन्य कार्यों के साथ नियमित रूप से 6-7 घंटे की पढ़ाई के द्वारा भी सफलता अर्जित की है।
- स्मार्ट अध्ययन का महत्वः परीक्षार्थी के लिए यहां यह महत्वपूर्ण होता है कि वह किस प्रकार की अध्ययन विधि को अपनाता है। यदि परीक्षार्थी स्मार्ट अध्ययन करता है तो यह स्वाभाविक है कि वह अध्ययन की मात्र के स्थान पर गुणवत्ता को प्राथमिकता देगा।
- भटकाव से बचनाः वैसे भी सिविल सेवा परीक्षा में उपलब्ध स्टडी मैटेरियल की व्यापकता को देखते हुए इसमें भटकाव की संभावना अधिक रहती है। अतः, किसी भी परीक्षार्थी के लिए इस परीक्षा की तैयारी के दौरान क्या पढ़ना है साथ-साथ क्या नहीं पढ़ना है का भी ध्यान रखना आवश्यक है। इस प्रकार पुनः, परीक्षार्थी के लिए अध्ययन की गुणवत्ता ही महत्वपूर्ण हो जाती है।
(ख) अध्ययन में रिवीजन का क्या महत्त्व है?
- निरंतरता बनाए रखने हेतु आवश्यकः सिविल सेवा परीक्षा के विशाल पाठ्यक्रम को एक बार में अध्यन कर दो उस पर मजबूत पकड़ बनाना एक मुश्किल कार्य है। यही कारण है कि प्रत्येक सफल परीक्षार्थी इस परीक्षा में सफलता सुनिश्चित करें के लिए अध्ययन की संपूर्ण प्रक्रिया में रिवीजन को एक अनिवार्य अंग के रूप में स्वीकार करता है।
- नोट्स को अपडेट करनाः सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी वर्ष भर चलने वाली एक प्रक्रिया का भाग है। ऐसे में इसके अधिकांश पाठ्यक्रम तथा अनेक मुद्दों के संदर्भ में नवीन घटनाक्रम उत्पन्न होते रहते हैं। परीक्षार्थी रिवीजन के माध्यम से इन घटनाक्रमों को अपने निर्मित नोट्स में अपडेट कर सकता है।
- समय की बचतः रिवीजन ही वह माध्यम है जिसके द्वारा अभ्यर्थी पाठ्यक्रम के स्थाई भाग (Static Portion) को बार-बार पढ़कर याद कर सकता है तथा परीक्षा के समय पढ़ने के अतिरिक्त बोझ से बच सकता है।
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