Interview - परीक्षा के लिए नोट्स बनाना

परीक्षा के लिए नोट्स बनाना

(AIR)

सिविल सेवा परीक्षा के लिए नोट्स तैयार करने के क्रम में अभ्यर्थियों को अनेक प्रश्नों का सामना करना पड़ता है। अनेक लोगों की यह सलाह होती है कि अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी की आरंभिक अवस्था से ही नोट्स बनाने चाहिए। जबकि कुछ अन्य विशेषज्ञ इस बात पर बल देते हैं कि नोट्स तभी बनाना चाहिए जब अभ्यर्थी तैयारी के एक उच्च स्तर को प्राप्त कर लें।

  • नोट्स बनाने की के संदर्भ में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब तक अभ्यर्थी को पाठ्यक्रम तथा परीक्षा की प्रकृति की जानकारी नहीं होगी तब तक उसके लिए नोट्स बनाना अधिक महत्वपूर्ण सिद्ध नहीं होगा।
  • अतः किसी भी अभ्यर्थी के लिए सर्वप्रथम अध्ययन अनिवार्य होता है। अध्ययन की प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थी को स्वयं ही या अनुभव होता है कि उसे किन विषयों अथवा मुद्दों पर नोट्स तैयार करने चाहिए।

स्वयं के नोट्स बनाने का क्या महत्व है?

स्वयं द्वारा निर्मित नोट्स अभ्यर्थी की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा परीक्षा के समय कम समय में ही रिवीजन के माध्यम से पाठ्यक्रम को पूरा करने में मदद करते हैं।

  • नोट्स का निर्माण करना एक रूप में लेखन शैली की विकास प्रक्रिया का विभाग है। नोट्स निर्माण में प्रयुक्त किए जाने वाले ग्राफ, चार्ट तथा मैप्स को अभ्यर्थी द्वारा जब उत्तर लेखन के दौरान अपनी उत्तर पुस्तिका में शामिल किया जाता है तो उसे अच्छे अंक मिलने की संभावना रहती है।
  • पाठ्यक्रम के स्थाई भाग (Static Portion) पर संक्षिप्त रूप में नोट्स बनाने के पश्चात उसके अलग से अध्ययन की आवश्यकता नहीं रह जाती है। इसी प्रकार, समसामयिक घटनाओं पर एक बार नोट्स बनाने के पश्चात उन्हें अद्यतन करने में अधिक आसानी होती है।

सिविल सेवा परीक्षा के लिए नोट्स का निर्माण किस प्रकार करना चाहिए?

अभ्यर्थियों को नोट्स का निर्माण सभी आरंभ करना चाहिए जब उनकी पाठ्यक्रम तथा विषयों की सामान्य समझ निर्मित हो जाए।

  • अभ्यर्थियों को ऐसे मुद्दों का नोट्स निर्मित करने से बचना चाहिए जिन्हें वे बेहतर रूप में समझते हो। केवल उन्हीं विषयों एवं मुद्दों पर नोट्स तैयार जिन की तैयारी में अभ्यर्थी को अतिरिक्त समय लगने की संभावना प्रतीत होती हो।
  • अभ्यर्थी सामान्य अध्ययन के चारों प्रश्न पत्रों पर अलग-अलग नोट्स तैयार कर सकते है। किंतु इस प्रक्रिया में यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि सामान विषयों से संबंधित नोट्स एक साथ निर्मित किए जाएं। उदाहरण के लिए भारतीय समाज तथा उसके महत्वपूर्ण अवयवों को सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र-1 में शामिल किया गया है जबकि सामाजिक न्याय की अवधारणा सामान्य अध्ययन के तृतीय प्रश्न पत्र में शामिल है। अभ्यर्थी ऐसे मुद्दों पर एक साथ नोट्स बना कर उन्हें संक्षेप में संकलित कर सकते है।
  • अभ्यर्थी को उपयुक्त जानकारी के आधार पर प्रासंगिक बिंदुओं के लेखन द्वारा बिंदुवार (Keywords को शामिल करते हुए) तथा सारगर्भित रूप में नोट का निर्माण करना चाहिए। अधिक से अधिक ग्राफ, चार्ट, मैप्स तथा बिंदुओं का प्रयोग करके अभ्यर्थी नोट्स निर्माण की प्रक्रिया में अपने समय में बचत कर सकता है।
  • यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि नोट्स चयनात्मक एवं संक्षिप्त होने चाहिए। नोट निर्माण में सरल भाषा तथा संगठित वाक्य रचना का प्रयोग किया जाना चाहिए।
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें

वार्षिक सदस्यता लें मात्र 600 में और पाएं...
पत्रिका की मासिक सामग्री, साथ ही पत्रिका में 2018 से अब तक प्रकाशित सामग्री।
प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा पर अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट पेपर, हल प्रश्न-पत्र आदि।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित चुनिंदा पुस्तकों का ई-संस्करण।
पप्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के चुनिंदा विषयों पर वीडियो क्लासेज़।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित पुस्तकों पर अतिरिक्त छूट।