आरबीआई वित्त वर्ष में परिवर्तन का प्रस्ताव
- आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड ने अपने वित्त/लेखा वर्ष (वर्तमान में जुलाई-जून) को वर्ष 2020-21 से सरकार के वित्तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) के साथ संरेिखत करने की सिफारिश की। केंद्रीय बैंक अब इस प्रस्ताव को सरकार के पास विचार के लिए भेजेगा।
- यह निर्णय 15 फरवरी, 2020 को नई दिल्ली में आयोजित आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड की बैठक में लिया गया।
- उल्लेखनीय है कि वर्तमान में आरबीआई का वित्तीय वर्ष 1 जुलाई से 30 जून तक होता है जबकि सरकार का वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होता है। इस कदम के साथ, केंद्रीय बैंक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 केरल–तमिलनाडु श्वेत पत्र: राज्यों की वित्तीय स्थिति पर बहस
- 2 RBI की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट 2026
- 3 संप्रभु क्रेडिट रेटिंग पर भारत की आपत्ति
- 4 कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) एवं कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 2026
- 5 CASA जमा में गिरावट: बैंकों के लिए बढ़ती चुनौती
- 6 PLFS–ASUSE 2025: शहरी रोजगार का नया आकलन
- 7 भारत के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC): लागत से नवाचार की ओर
- 8 चीन का हीलियम निर्यात प्रतिबंध: वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर बढ़ता संकट
- 9 CCEA के बड़े फैसले: चिप, मोबाइल और यूरिया पर फोकस
- 10 जून 2026 मुद्रास्फीति रिपोर्ट: महंगाई बढ़ी, लेकिन मांग अब भी कमजोर

