चिकित्सा गर्भपात (संशोधन) विधेयक, 2020
- 29 जनवरी, 2020 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘चिकित्सा गर्भपात (संशोधन) विधेयक, 2020’ [Medical Termination of Pregnancy (Amendment) Bill, 2020] को मंजूरी दे दी। यह विधेयक ‘चिकित्सा गर्भपात अधिनियम, 1971’ में संशोधन करने के उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया है।
- उद्देश्यः चिकित्सा गर्भपात (संशोधन) विधेयक, 2020 का उद्देश्य महिलाओं के लिए उपचारात्मक, सुजननिक (eugenic), मानवीय या सामाजिक आधार पर सुरक्षित और वैध गर्भपात सेवाओं का विस्तार करना है।
मुख्य प्रावधान
- गर्भावस्था के 20 सप्ताह तक गर्भपात कराने के लिए एक चिकित्सक की राय लेने की आवश्यकता तथा गर्भावस्था के 20 से 24 सप्ताह तक गर्भपात कराने के लिए दो ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण हेतु तीन नई पहलें
- 2 ‘सप्त धारा’ ढांचा: विकसित भारत 2047 का रोडमैप
- 3 सुजलम भारत डेटा नीति: ग्रामीण पेयजल शासन का सुदृढ़ीकरण
- 4 NSG ने शुरू किया भारत का पहला सर्व-महिला कमांडो कोर्स
- 5 प्लेटफॉर्म इकोनॉमी में महिलाओं का डिजिटल वित्तीय समावेशन
- 6 आदि वाणी: जनजातीय भाषा संरक्षण हेतु AI-आधारित प्लेटफॉर्म
- 7 केंद्र सरकार ने भारतीय मानक समय (IST) को अनिवार्य बनाने वाले नियमों को अधिसूचित किया
- 8 भारत का पहला मृदा बनावट (Soil Texture) मानचित्र
- 9 लद्दाख के नुब्रा में श्योक नदी पर 'उदमारू पुल' का उद्घाटन
- 10 भारत का पहला एआई-संचालित पक्षी अभयारण्य: भांडुप बर्ड पार्क

