एससी/एसटी कानून की संवैधानिक वैधता बरकरार
- 10 फरवरी, 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने ‘अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम 2018’ [SCs & STs (Prevention of Atrocities) Amendment Act 2018] को मंजूरी देते हुए इसकी संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा।
- इस प्रकार शीर्ष न्यायालय ने 20 मार्च, 2018 के अपने ही निर्णय को निरस्त कर दिया, जिसके तहत एससी/एसटी संरक्षण कानून के सख्त प्रावधानों में ढील दे दी गई थी। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस विनीत शरण और जस्टिस रवींद्र भट्ट की पीठ ने 2-1 से यह फैसला सुनाया।
मुख्य बिंदु
- केंद्र के संशोधित कानून के िखलाफ दायर याचिकाओं पर फैसला ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 लद्दाख के नुब्रा में श्योक नदी पर 'उदमारू पुल' का उद्घाटन
- 2 भारत का पहला एआई-संचालित पक्षी अभयारण्य: भांडुप बर्ड पार्क
- 3 एआई (AI) ने हल की 87 साल पुरानी 'जैकोबियन अनुमान' की समस्या
- 4 बेंगलुरु में स्टार्टअप और नवाचार संग्रहालय (MIST) की स्थापना
- 5 केरल का लक्ष्य: 2031 तक 150 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC)
- 6 नर्मदा नदी परियोजनाओं पर ऐतिहासिक अंतर-राज्यीय वित्तीय समझौता
- 7 एनकैश (EnKash) ने लॉन्च किया भारत का पहला UPI-सक्षम 'मील कार्ड'
- 8 भारत का 'परमाणु ऊर्जा मिशन': 2033 तक 5 स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR)
- 9 आदिलाबाद में बुद्ध परिनिर्वाण और बहु-धार्मिक पाषाण स्तंभ की खोज
- 10 राइज (RISE) कॉन्क्लेव 2026: नवाचार और उद्यमिता का नया संगम

