पदोन्नति में आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं
- सुप्रीम कोर्ट ने 7 फरवरी, 2020 को अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि राज्य सरकारें नियुक्तियों में आरक्षण देने के लिए बाध्य नहीं हैं तथा पदोन्नति में आरक्षण का दावा करने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है।
- मुकेश कुमार बनाम उत्तराखंड राज्य (Mukesh Kumar vs The State of Uttarakhand) का यह निर्णय शीर्ष न्यायालय के जस्टिस एल नागेश्वर राव तथा हेमंत गुप्ता की पीठ द्वारा दिया गया।
- इस निर्णय पर संसद में चर्चा हुई तथा 10 फरवरी, 2020 को केंद्र सरकार ने सदन को बताया कि इस मामले पर सरकार उच्च स्तर पर अध्ययन एवं विचार ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण हेतु तीन नई पहलें
- 2 ‘सप्त धारा’ ढांचा: विकसित भारत 2047 का रोडमैप
- 3 सुजलम भारत डेटा नीति: ग्रामीण पेयजल शासन का सुदृढ़ीकरण
- 4 NSG ने शुरू किया भारत का पहला सर्व-महिला कमांडो कोर्स
- 5 प्लेटफॉर्म इकोनॉमी में महिलाओं का डिजिटल वित्तीय समावेशन
- 6 आदि वाणी: जनजातीय भाषा संरक्षण हेतु AI-आधारित प्लेटफॉर्म
- 7 केंद्र सरकार ने भारतीय मानक समय (IST) को अनिवार्य बनाने वाले नियमों को अधिसूचित किया
- 8 भारत का पहला मृदा बनावट (Soil Texture) मानचित्र
- 9 लद्दाख के नुब्रा में श्योक नदी पर 'उदमारू पुल' का उद्घाटन
- 10 भारत का पहला एआई-संचालित पक्षी अभयारण्य: भांडुप बर्ड पार्क

