कृषि कानूनों के अमल पर रोक
- सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में नए कृषि कानूनों के कार्यान्वयन को निलंबित कर दिया तथा इन अधिनियमों की जांच करने के लिए एक समिति का गठन किया। समिति यह देखेगी कि किन पहलुओं पर फिर से विचार करने की आवश्यकता है।
- सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि जब तक किसानों द्वारा उठाए गए मुद्दों को हल नहीं किया जाता, तब तक सभी तीन कृषि कानूनों को रोक दिया जाए।
- शीर्ष अदालत द्वारा गठित इस समिति के सदस्य हैं: भारतीय किसान यूनियन के भूपेंद्र सिंह मान, शेतकारी संगठन के अनिल घनवंत, कृषि वैज्ञानिक अशोक गुलाटी तथा अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना
- 2 TReDS: MSMEs के लिए कार्यशील पूँजी का सशक्त माध्यम
- 3 कमला जलविद्युत परियोजना
- 4 राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम
- 5 गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस
- 6 अवसंरचना क्षेत्र के प्रदर्शन निगरानी हेतु एकीकृत डैशबोर्ड
- 7 पश्चिमी समर्पित माल गलियारा
- 8 ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट
- 9 शोंगटोंग-कड़छम जलविद्युत परियोजना
- 10 राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास ट्रस्ट

