अनुकूलतम कृषि-खाद्य नीति की आवश्यकता
- नवीनतम कृषि कानूनों से संबंधित विवाद के बीच विशेषज्ञों द्वारा कृषि एवं खाद्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए एक अनुकूलतम कृषि-खाद्य नीति तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।
- कृषि कानूनों के विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के लिए हाल ही में गठित विशेषज्ञ पैनल के सदस्य अशोक गुलाटी ने हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस में छपे अपने एक ओपिनियन में कहा है कि भारत को अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों चुनौतियों का सामना करने के लिए एक इष्टतम कृषि-खाद्य नीति तैयार करने की आवश्यकता है।
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना
- 2 TReDS: MSMEs के लिए कार्यशील पूँजी का सशक्त माध्यम
- 3 कमला जलविद्युत परियोजना
- 4 राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम
- 5 गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस
- 6 अवसंरचना क्षेत्र के प्रदर्शन निगरानी हेतु एकीकृत डैशबोर्ड
- 7 पश्चिमी समर्पित माल गलियारा
- 8 ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट
- 9 शोंगटोंग-कड़छम जलविद्युत परियोजना
- 10 राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास ट्रस्ट

