परिवर्तनशील भू-राजनीतिक एवं भू-आर्थिक स्थिति : वैश्विक व्यवस्था एवं भारत
वैश्विक आर्थिक एवं राजनीतिक परिदृश्य हमेशा से अंतर-संबंधित रहे हैं। औपनिवेशिक काल से ही वैश्विक स्तर पर यह देखा गया कि आर्थिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों ने विभिन्न देशों के मध्य निर्मित होने वाले संबंधों को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। स्वतंत्रता के बाद भारत ने विकास की एक लंबी प्रक्रिया तय की है। एक समय तक भारत की राजनीतिक एवं आर्थिक नीतियां वैश्विक संदर्भ में पृथक रूप में क्रियान्वित की जाती थी। किंतु 21वीं सदी में परिवर्तनशील वैश्विक परिदृश्य के साथ सामंजस्य बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि देश की आर्थिक एवं राजनैतिक रणनीतियों का समावेश किया ....
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