भारत का वैश्विक उत्थान और क्षेत्रीय पतन: एक विरोधाभास
भारत वैश्विक स्तर पर एक ‘क्षेत्रीय शक्ति’ से एक ‘वैश्विक आर्थिक एवं सैन्य शक्ति’ के रूप में उभर रहा है।
- लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को वैश्विक उत्थान के साथ-साथ क्षेत्रीय गिरावट का सामना करना पड़ रहा है।
- यह स्थिति वास्तव में एक ऐसे विरोधाभास को दर्शाती है, जो दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक परिदृश्य की जटिलताओं को प्रदर्शित करती है।
भारत का वैश्विक उत्थान
- आर्थिक विकास: भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में उभरा है। इसके कारण भारत विदेशी ....
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