भ्रष्टाचार कम करने में आचरण संहिता की भूमिका
व्यक्तिगत स्वार्थ अथवा निजी हितों की पूर्ति हेतु सार्वजनिक धन एवं संसाधनों का दुरुपयोग करना भ्रष्टाचार कहलाता है। एक गंभीर अपराध के रूप में भ्रष्टाचार किसी भी देश के सामाजिक आर्थिक विकास को प्रभावित करता है। कल्याणकारी राज्य के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में भारत में स्वतंत्रता के बाद से ही शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं पर सरकार द्वारा व्यापक धन का आवंटन किया जाता रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राजनीतिक गठजोड़ के माध्यम से धन के बहिर्गमन के कारण भ्रष्टाचार की गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
भारत में भ्रष्टाचार पर नियंत्रण तथा सिविल सेवकों के आचरण को ....
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संबंधित सामग्री
- 1 नैतिक तर्क (Moral Reasoning)
- 2 नैतिक अंतःप्रज्ञा (Moral Intuition)
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- 4 सहिष्णुता (Tolerance)
- 5 सहानुभूति (Empathy)
- 6 नवाचार और रचनात्मकता
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मुख्य विशेष
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- 6 पारंपरिक मूल्यों को परिवर्तित करने में सोशल मीडिया की भूमिका
- 7 वर्तमान परिदृश्य में व्यावसायिक नैतिकता

