लोकहित में सिविल सेवकों के लिए महत्वपूर्ण सिद्धांत और प्रक्रियाएं
लोकहित का अर्थ लोगों के कल्याण से माना जाता है। इसके अंतर्गत नागरिकों को प्रदान किए जाने वाले अधिकारों के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य, शिक्षा तथा जीवन स्तर में सुधार हेतु चलाई जाने वाली सरकारी योजनाओं का व्यापक महत्व होता है जो जनकल्याण में वृद्धि करती हैं। भारत एक लोक कल्याणकारी राज्य है तथा वर्तमान समय में स्थानीय स्तर से लेकर राज्यों तथा केंद्रीय सरकार की प्रमुख चिंता यह है कि किस प्रकार लोगों के कल्याण को अधिकतम किया जा सके। भारत में सरकारी योजनाओं को सिविल सेवकों के माध्यम से लागू किया जाता है। अतः प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लिए जाने ....
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संबंधित सामग्री
- 1 नैतिक तर्क (Moral Reasoning)
- 2 नैतिक अंतःप्रज्ञा (Moral Intuition)
- 3 करुणा (Compassion)
- 4 सहिष्णुता (Tolerance)
- 5 सहानुभूति (Empathy)
- 6 नवाचार और रचनात्मकता
- 7 सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 8 वस्तुनिष्ठता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 9 हितों का संघर्ष (Conflict of Interest)
- 10 निष्पक्षता और गैर-पक्षपात (Impartiality and Non-Partisanship)
मुख्य विशेष
- 1 भ्रष्टाचार कम करने में आचरण संहिता की भूमिका
- 2 नागरिक घोषणापत्र : जन केन्द्रित शासन हेतु महत्वपूर्ण
- 3 शासन में नैतिकता और नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण
- 4 सामाजिक जवाबदेही: सुशासन एवं पारदर्शिता हेतु आवश्यक
- 5 मेटावर्स तथा इसके नैतिक आयाम
- 6 पारंपरिक मूल्यों को परिवर्तित करने में सोशल मीडिया की भूमिका
- 7 वर्तमान परिदृश्य में व्यावसायिक नैतिकता

