मेटावर्स तथा इसके नैतिक आयाम
साइंस फिक्शन के लेखक नील स्टीफेंसन को 'मेटावर्स' शब्द की उत्पत्ति का जनक माना जाता है जिन्होंने वर्ष 1992 में पहली बार इसका प्रयोग किया था। एक विचार के रूप में इसका प्रचलन लंबे समय से वीडियो गेम आधारित कंपनियों के मध्य रहा है। मेटावर्स को सामान्य रूप से एक 'सिम्युलेटेड डिजिटल वातावरण' (Simulated Digital Environment) के रूप में समझा जा सकता है। इसके अंतर्गत एक वास्तविक दुनिया की नकल करते हुए इंटरनेट तथा सोशल मीडिया से प्राप्त आयामों को संवर्द्धित वास्तविकता (Augmented Reality), आभासी वास्तविकता (Virtual Reality) और ब्लॉकचेन तकनीकी (Block-chain Technology) का उपयोग करके एकीकृत किया जाता है। ....
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संबंधित सामग्री
- 1 नैतिक तर्क (Moral Reasoning)
- 2 नैतिक अंतःप्रज्ञा (Moral Intuition)
- 3 करुणा (Compassion)
- 4 सहिष्णुता (Tolerance)
- 5 सहानुभूति (Empathy)
- 6 नवाचार और रचनात्मकता
- 7 सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 8 वस्तुनिष्ठता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 9 हितों का संघर्ष (Conflict of Interest)
- 10 निष्पक्षता और गैर-पक्षपात (Impartiality and Non-Partisanship)
मुख्य विशेष
- 1 भ्रष्टाचार कम करने में आचरण संहिता की भूमिका
- 2 नागरिक घोषणापत्र : जन केन्द्रित शासन हेतु महत्वपूर्ण
- 3 लोकहित में सिविल सेवकों के लिए महत्वपूर्ण सिद्धांत और प्रक्रियाएं
- 4 शासन में नैतिकता और नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण
- 5 सामाजिक जवाबदेही: सुशासन एवं पारदर्शिता हेतु आवश्यक
- 6 पारंपरिक मूल्यों को परिवर्तित करने में सोशल मीडिया की भूमिका
- 7 वर्तमान परिदृश्य में व्यावसायिक नैतिकता

