शासन में नैतिकता और नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण
शासन में नैतिकता का अर्थ प्रशासन के सभी क्षेत्रों में आचरण की उचित प्रक्रिया का पालन करने से है। सरकार को अपनी राजनीतिक, व्यवसायिक, प्रबंधनकारी तथा प्रशासनिक गतिविधियों कुशल रूप से संचालित करने के लिए ऐसे मापदंडों का निर्धारण करना चाहिए जिससे शासन में नैतिकता को बनाए रखा जा सके।
- नैतिक शासन हेतु सूचनाओं के सतत प्रवाह, नागरिक घोषणापत्र, पारदर्शिता तथा निष्पक्षता जैसे मूल्य अत्यंत आवश्यक माने जाते हैं। इनके आधार पर गरीबी तथा अशिक्षा उन्मूलन, असमानता में कमी करने, पर्यावरण एवं मानवाधिकारों के संरक्षण में मदद मिलती है।
- देश में अनेक बार लोक सेवकों द्वारा वंचित वर्ग के प्रति संवेदनशीलता ....
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संबंधित सामग्री
- 1 नैतिक तर्क (Moral Reasoning)
- 2 नैतिक अंतःप्रज्ञा (Moral Intuition)
- 3 करुणा (Compassion)
- 4 सहिष्णुता (Tolerance)
- 5 सहानुभूति (Empathy)
- 6 नवाचार और रचनात्मकता
- 7 सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 8 वस्तुनिष्ठता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण
- 9 हितों का संघर्ष (Conflict of Interest)
- 10 निष्पक्षता और गैर-पक्षपात (Impartiality and Non-Partisanship)
मुख्य विशेष
- 1 भ्रष्टाचार कम करने में आचरण संहिता की भूमिका
- 2 नागरिक घोषणापत्र : जन केन्द्रित शासन हेतु महत्वपूर्ण
- 3 लोकहित में सिविल सेवकों के लिए महत्वपूर्ण सिद्धांत और प्रक्रियाएं
- 4 सामाजिक जवाबदेही: सुशासन एवं पारदर्शिता हेतु आवश्यक
- 5 मेटावर्स तथा इसके नैतिक आयाम
- 6 पारंपरिक मूल्यों को परिवर्तित करने में सोशल मीडिया की भूमिका
- 7 वर्तमान परिदृश्य में व्यावसायिक नैतिकता

