आर्कटिक में भारत की भूमिका: महत्वाकांक्षा और क्षमता के बीच बढ़ता अंतर

?>

विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति की हालिया रिपोर्ट “India’s Role and Presence in the Arctic and Antarctic Regions” ने भारत की आर्कटिक महत्वाकांक्षाओं और वास्तविक क्षमताओं के बीच बढ़ते अंतर को रेखांकित किया है। यह रिपोर्ट आर्कटिक नीति, 2022 की पृष्ठभूमि में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

भारत की आर्कटिक उपस्थिति

भारत का आर्कटिक जुड़ाव एक शताब्दी से अधिक पुराना है। भारत 1920 की Svalbard Treaty के मूल 14 हस्ताक्षरकर्ताओं में शामिल था। वर्तमान में भारत उन चुनिंदा विकासशील देशों में है, जिनकी आर्कटिक क्षेत्र में स्थायी वैज्ञानिक उपस्थिति है। न्य-ऑलेसुंड, स्वालबार्ड में ‘हिमाद्रि’ अनुसंधान केंद्र के ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें

वार्षिक सदस्यता लें मात्र 600 में और पाएं...
पत्रिका की मासिक सामग्री, साथ ही पत्रिका में 2018 से अब तक प्रकाशित सामग्री।
प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा पर अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट पेपर, हल प्रश्न-पत्र आदि।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित चुनिंदा पुस्तकों का ई-संस्करण।
पप्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के चुनिंदा विषयों पर वीडियो क्लासेज़।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित पुस्तकों पर अतिरिक्त छूट।

नियमित स्तंभ