निजी क्षेत्र की अन्तरिक्ष गतिविधियों मे भागीदारी
25 जून, 2020 को कैबिनेट ने ग्रहों की खोज मिशन सहित अंतरिक्ष गतिविधियों की पूरी श्रृंखला में निजी क्षेत्र की भागीदारी को मंजूरी प्रदान की। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख के. सिवन ने कहा कि निजी क्षेत्र को रॉकेट के निर्माण, उपग्रह और प्रक्षेपण सेवाएं प्रदान करने जैसी अंतरिक्ष गतिविधियों का संचालन करने की अनुमति दी जाएगी।
- इसके साथ ही निजी क्षेत्र भी इसरो के अंतर-ग्रहीय मिशनों का हिस्सा हो सकता है। इसरो अपनी तकनीकी विशेषज्ञता के साथ-साथ सुविधाओं को भी साझा करेगा। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (Indian National Space Promotion and Authorisation Centre) ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु: नैतिक मुद्दे एवं चुनौतियाँ
- 2 संप्रभु ऊर्जा आत्मनिर्भरता: भारत की रणनीतिक आवश्यकता
- 3 अंतरराष्ट्रीय क़ानून एवं आत्मरक्षा: आधुनिक संघर्षों में बदलते आयाम
- 4 केमिकल पार्क भारत के विनिर्माण और धारणीयता अभियान को गति
- 5 इस्पात क्षेत्र का विकार्बनीकरण भारत के लिए आर्थिक आवश्यकता और पर्यावरणीय दायित्व
- 6 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट प्रमुख अनुशंसाएं और उभरती चिंताएं
- 7 एथेनॉल सम्मिश्रण ऊर्जा आत्मनिर्भरता बनाम खाद्य आत्मनिर्भरता का द्वंद्व
- 8 प्रहार: सक्रिय आतंकवाद-रोधी रणनीति की नई दिशा
- 9 मासिक धर्म स्वास्थ्य अब मौलिक अधिकार : सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और इसका सामाजिक प्रभाव
- 10 एआई इम्पैक्ट पर नई दिल्ली घोषणा : कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य के लिए भारत की रूपरेखा
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 गुप्त मतदान का सिद्धांत एवं जनप्रतिनिधित्व अधिनियम
- 2 आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं: सर्वोच्च न्यायालय
- 3 पब्लिक अथॉरिटी नहीं है पीएम-केयर्स फंड
- 4 सिविल सेवा बोर्ड का गठन
- 5 मातृत्व आयु व एमएमआर की जांच हेतु टास्क फोर्स
- 6 एनडीआरएफ में व्यक्तिगत योगदान को मंजूरी
- 7 भारत का विदेशी मुद्रा भंडार तथा अर्थव्यवस्था
- 8 इंटरक्रॉपिंग को बढ़ावा एवं इसके लाभ
- 9 भारत-ऑस्ट्रेलिया के मध्य व्यापक रणनीतिक साझेदारी एवं समझौते
- 10 संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद एवं भारत
- 11 मरुस्थलीकरण और सूखा: भारत के समक्ष एक बड़ी चुनौती

