न्यायिक सक्रियता एवं न्यायिक संयम
दिल्ली उच्च न्यायालय के निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल ने हाल ही में आयोजित अपने विदाई समारोह में न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) और न्यायिक संयम (Judicial Restraint) के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया।
- उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों का कार्य सिर्फ कानूनों की व्याख्या करना है, नीति निर्माण या उनमें सुधार करना नहीं।
- न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism) की अवधारणा को कभी-कभी न्यायिक संयम (Judicial Restraint) के विलोम के रूप में देखा जाता है।
न्यायिक सक्रियता क्या है?
- न्यायिक सक्रियता बदलते समाज में न्यायिक दृष्टिकोण की एक गतिशील प्रक्रिया है। हाल के वर्षों में अदालतों द्वारा न्यायिक सक्रियता के माध्यम से ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 कलाई-II जलविद्युत परियोजना
- 2 प्रौद्योगिकी विकास एवं निवेश प्रोत्साहन (TDIP) योजना
- 3 सिन्धी भाषा में भारत के संविधान का विमोचन
- 4 शहरी चुनौती कोष (UCF) हेतु परिचालन दिशा-निर्देश
- 5 नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) 2.0 ऐप
- 6 प्रोजेक्ट दंतक
- 7 सम्पन्न प्लेटफॉर्म
- 8 रिक्यूजल ऑफ जजेस
- 9 e-SafeHER: सुरक्षित डिजिटल भविष्य की ओर पहल
- 10 सूचना युद्ध: युद्ध का बदलता स्वरूप
- 1 आपराधिक प्रक्रिया (पहचान) विधेयक, 2022
- 2 दिल्ली नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2022
- 3 न्यायपालिका में महिलाओं का अल्प प्रतिनिधित्व
- 4 वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम : सीमावर्ती क्षेत्र में अवसंरचना विकास की पहल
- 5 जम्मू-कश्मीर में ग्राम रक्षा समूहों के गठन को मंजूरी
- 6 अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र, हैदराबाद
- 7 भारत में सहकारी समितियां एवं संबंधित मुद्दे
- 8 पार-तापी-नर्मदा रिवर-लिंकिंग परियोजना
- 9 राज्यों द्वारा सीबीआई को प्रदत्त सामान्य सहमति
- 10 राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन परियोजना

